माँ,
नींद नहीं आती थी तो लोरियां सुनाती थी ,#माँ !
अपने ही मन से न जाने कितनी कहानियां बनाती थी
#माँ !!
हां #माँ, वो #माँ, जो भगवान है मेरी !
हां वो माँ, जिसकी छत्रछाया में मैंने हमेशा अपने आपको महफूज पाया है !!
हां वो #माँ जिसको मेरी हरदम चिंता सताती है !
मेरे थोड़े से दु:खी होने पर वो खाना नही खाती है !!
हां वो #माँ जिसके होने से आज मेरा वजूद है !
हां वो #माँ जिसके आचल की खुसबू घूली है !!
आज भी मेरे सांसो में !
मुझे थोड़ी सी चोट लगती है मैं #माँ को ही पुकारता हूं क्योंकि?
मेरे खून के कतरे-कतरे में #माँ ही है कोई और नही !!
आई लव यू ''#माँ आई मिस यू #माँ' ....
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